गोपीगीत का पदानुवाद-हे ब्रज लला ब्रज धाम को, बैकुण्ठ सम पावन किये को मार्च 18, 2023 अनुवाद भगवान कृष्ण श्रीमदभागवत हरिगीतिका छंद +